कारगिल के वीरों को कोटद्वार में मिला सम्मान, सैनिकों के शौर्य और बलिदान को किया नमन

कोटद्वार : कारगिल विजय दिवस के पूर्व अवसर पर रविवार को कोटद्वार स्थित एक निजी वेडिंग प्वाइंट में वीर सैनिक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। स्थानीय विधायक एवं विधानसभा अध्यक्षा ऋतु खंडूड़ी भूषण की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी मुख्य अतिथि तथा कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं वीर माताओं को सम्मानित किया गया। साथ ही वरिष्ठ पत्रकार मनोज इष्टवाल द्वारा लिखित पुस्तक “कण्वाश्रम (भरत से भारतवर्ष)” का विमोचन भी किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्षा ने कहा कि कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं एवं सैनिक परिवारों का सम्मान करना उनके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि एक सैनिक की बेटी होने के नाते वह सैनिकों और उनके परिवारों के त्याग, समर्पण और संघर्ष को भली-भांति समझती हैं। उन्होंने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए हमारे वीर जवानों का सर्वोच्च बलिदान सदैव राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा। उत्तराखंड वीरों की भूमि है और यहां के सैनिकों का शौर्य, साहस तथा राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि वीर सैनिकों, वीरांगनाओं एवं उनके परिवारों का सम्मान करना हम सभी का नैतिक दायित्व है।

सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि जब भी उन्हें सैनिकों और पूर्व सैनिकों के बीच आने का अवसर मिलता है, वह स्वयं को मंत्री नहीं बल्कि एक भाई और बेटे के रूप में उनके बीच पाते हैं। उन्होंने कहा कि उनके जीवन में सैन्य पृष्ठभूमि का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के डीएनए में देशभक्ति बसती है और देवभूमि ने देश को सर्वाधिक वीर सैनिक दिए हैं। राज्य का लगभग 17.5 प्रतिशत सैन्य योगदान इसकी गौरवशाली परंपरा का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सैनिकों के सम्मान और कल्याण के लिए वन रैंक-वन पेंशन, नेशनल वॉर मेमोरियल का निर्माण, रक्षा बजट में वृद्धि तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण जैसे अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने भी शहीदों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि, वीरता पुरस्कारों की सम्मान राशि बढ़ाने, शहीद परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, आवेदन अवधि दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष करने तथा वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों को राज्य परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराने जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों का सम्मान और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक ऐतिहासिक अवसर नहीं, बल्कि देश के वीर सैनिकों के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान को नमन करने का दिन है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीरों की भूमि है और यहां के सैनिकों ने सदैव राष्ट्र की रक्षा में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने युवाओं से सैनिकों के त्याग, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में उत्तराखंड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. (पंडित) राजेन्द्र प्रसाद अणथ्वाल, मेयर शैलेंद्र सिंह रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष राज गौरव नौटियाल, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल जयवीर सिंह नेगी, बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीर नारियां, वीर माताएं तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

 

Portaladmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

जनसेवा शिविर सुशासन का सशक्त माध्यम, अंतिम छोर तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता: भूपेंद्र सिंह कंडारी

Sun Jul 19 , 2026
पौड़ी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में संचालित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण–जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के अंतर्गत जनपद पौड़ी गढ़वाल के विभिन्न विकासखंडों में 4 जुलाई से 19 जुलाई तक बहुउद्देशीय जनसेवा शिविरों का आयोजन किया गया। अभियान के माध्यम से जिला प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों […]

You May Like

Breaking News

Share
error: Content is protected !!