सिक्किम टनल हादसा : मलबे से 12 शव बरामद, 15 मजदूर अब भी टनल में फंसे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

नामची/गंगटोक : सिक्किम के नामची जिले में बड़ा टनल हादसा हुआ है। समरडुंग में निर्माणाधीन NHPC की तीस्ता स्टेज-VI हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की हेड रेस टनल (HRT) में हुए विस्फोट में मृतकों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। अभी भी करीब 15 मजदूर टनल के अंदर फंसे हुए हैं, जिनकी तलाश के लिए बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

कैसे हुआ हादसा?

NHPC के अनुसार, यह हादसा 20 जुलाई को मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। टनल के अंदर चट्टानों के बीच फंसी संदिग्ध मीथेन गैस के अचानक रिसाव से जोरदार विस्फोट हो गया, जिसके बाद टनल में जहरीली गैस और भारी मलबा भर गया। हादसे के समय टनल के अंदर कुल 27 मजदूर काम कर रहे थे। धमाके के तुरंत बाद 2 मजदूर किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि 25 मजदूर अंदर ही फंस गए।

12 शव बरामद, 15 की तलाश जारी

नामची की पुलिस अधीक्षक सोनम डोलमा ने बताया कि अब तक मलबे से 12 शवों को निकाला जा चुका है। 13 से 15 मजदूरों के अभी भी अंदर फंसे होने की आशंका है। मौके पर NDRF, SDRF, सिक्किम पुलिस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज और कोल माइनिंग एक्सपर्ट्स की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। टनल में जहरीली गैस और लगातार गिर रहे मलबे के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आ रही हैं।

सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान

सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस पूरे हादसे की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी और अगर NHPC या निर्माण कंपनी की लापरवाही सामने आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री तमांग से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली है। PM ने मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि का ऐलान किया है।

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