उत्तराखण्ड के 227 मदरसों पर हो सकती है कार्रवाई

देहरादून : उत्तराखण्ड में मदरसों की मान्यता को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश के 227 ऐसे मदरसे, जो फिलहाल बंद हो चुके हैं, यदि अक्टूबर महीने के अंतिम दिन तक मान्यता के लिए आवेदन नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मदरसों से जुड़ी मान्यता की प्रक्रिया तय समयसीमा के भीतर पूरी की जाए।
 
विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने मदरसों की मान्यता की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से लंबित मामलों में तेजी लाने और निर्धारित समय के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
 
452 मदरसों के मामलों में हुई कार्रवाई
 
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में 452 मदरसों से संबंधित मामलों पर कार्रवाई की जा रही है। अब तक इनमें से 35 मदरसों को उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के माध्यम से मान्यता प्रदान की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त 76 मदरसों को शिक्षा विभाग से भी मान्यता मिल गई है।
 
विभाग की ओर से शेष मदरसों की मान्यता प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि दस्तावेजों और अन्य औपचारिकताओं से जुड़े मामलों का समय रहते निस्तारण किया जाए।
 
अक्टूबर के अंत तक करीब 190 मदरसों को मिल सकती है मान्यता
 
सरकार को उम्मीद है कि अक्टूबर माह के अंतिम दिन तक 114 और मदरसों को शिक्षा विभाग से मान्यता मिल सकती है। यदि निर्धारित समय में यह प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो महीने के अंत तक लगभग 190 मदरसों को मान्यता मिलने की संभावना है।
 
वहीं, बंद हो चुके 227 मदरसों को भी मान्यता के लिए आवेदन करने का अवसर दिया गया है। तय समयसीमा तक आवेदन नहीं करने वाले संस्थानों के विरुद्ध आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
 
विकास योजनाओं की धनराशि पर भी दिए निर्देश
 
समीक्षा बैठक में मंत्री खजान दास ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की विकास योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के लिए आवंटित राशि का यदि उपयोग नहीं हो रहा है, तो उसे वापस लिया जाए। इससे उपलब्ध धनराशि का इस्तेमाल प्रदेश में प्रस्तावित अन्य विकास योजनाओं को पूरा करने के लिए किया जा सकेगा।
 
बैठक में उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी, विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते, निदेशक दीप्ति सिंह, अपर सचिव विक्रम सिंह यादव सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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