दूरस्थ मेंदणी गांव पहुंचीं डीएम स्वाति एस. भदौरिया; पेयजल, स्वास्थ्य और विकास कार्यों पर दिए सख्त निर्देश

पौड़ी : जनपद पौड़ी गढ़वाल के दूरस्थ क्षेत्रों में विकास योजनाओं की प्रगति, जनसमस्याओं के समाधान और विभागीय व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने रिखणीखाल विकासखंड का विस्तृत भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ताड़केश्वर महादेव मंदिर से लेकर दुर्गम ग्राम मेंदणी तक विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर विकास कार्यों एवं जनसुविधाओं की समीक्षा की। मेंदणी पहुंचने पर ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। जन चौपाल में ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएं और सुझाव रखे, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश देते हुए कई महत्वपूर्ण मांगों पर मौके पर ही निर्णय लिए।

जिलाधिकारी सबसे पहले ताड़केश्वर महादेव मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने पूजा अर्चना की तथा मंदिर परिसर, धर्मशाला, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर समिति से सूरज ध्यानी एवं पुजारी संदीप सकलानी से मंदिर की ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं से भी संवाद किया और उनकी सुविधाओं से संबंधित सुझाव सुने।

श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों द्वारा मंदिर तक पहुंचने वाले मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, पेयजल तथा शौचालय सुविधाओं के संबंध में सुझाव दिए गए। जिलाधिकारी ने मंदिर जाने वाले मार्ग को इंटरलॉकिंग टाइल्स, शौचालय, बेंच, साइनेज आदि को विकसित करने के निर्देश देते हुए कहा कि ताड़केश्वर जनपद की महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन धरोहर है तथा यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित विभागों को श्रद्धालु सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

इसके उपरांत जिलाधिकारी ने देवियोंखाल में ग्रामोत्थान परियोजना एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से संचालित मातृशक्ति आजीविका आउटलेट का उद्घाटन किया। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। 

इस अवसर पर बीडीओ द्वारा बताया गया अकि उत्पादों की प्रोसेसिंग यूनिट ढाबखाल में संचालित की जा रही है तथा विभिन्न महिला समूहों के माध्यम से उत्पादों का निर्माण एवं विपणन किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने महिलाओं से संवाद कर उनकी आय, रोजगार के अवसरों तथा उत्पादों की बाजार उपलब्धता के बारे में जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने कहा कि उत्पादों के प्रसंस्करण के उपरांत भी यदि भंडारण की आवश्यकता बनी रहती है, तो उनके सुरक्षित संरक्षण हेतु कोल्ड स्टोरेज सुविधा उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

इसके बाद जिलाधिकारी विकासखंड के दुर्गम गांव मेंदणी पहुंचीं, जहां ग्रामीणों ने पारंपरिक ढोल-दमाऊं, स्वागत गीत एवं चौंफला गायन के साथ उनका भव्य स्वागत किया। गांव की बुजुर्ग महिलाओं द्वारा प्रस्तुत लोक संस्कृति और परंपरा से जिलाधिकारी अभिभूत नजर आईं तथा उन्होंने ग्रामीण महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने में गांवों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

ग्रामवासियों के साथ आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए। ग्रामीणों की मांग पर उन्होंने गांव में ओपन जिम स्थापित करने तथा प्रवेश द्वार को स्वीकृति देते हुए कहा कि इसका शीघ्र आगणन प्रस्तुत करें जिससे कार्य त्वरित रूप से शुरू किया जा सके। साथ ही कृषि विभाग को गांव की घेरबाड़ के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। 

जनसंवाद में पेयजल समस्या प्रमुखता से उठी। ग्रामीणों ने हर घर नल-हर घर जल योजना के तहत कई क्षेत्रों में बाधित एवं असमान जलापूर्ति की शिकायत की। इस पर अधिशासी अभियंता जल निगम ने 10 दिनों के भीतर व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने तब तक वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने, नियमित मौका निरीक्षण कराने तथा बूंगा मल्ला, डाबरी और पलीगांव की शिकायतों पर स्थलीय निरीक्षण के निर्देश दिए। साथ ही डाबरी में 10 जुलाई तक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और रेवा पंपिंग योजना के पानी की गुणवत्ता की जांच कराने को कहा।

सड़क निर्माण से हुई क्षति की शिकायत पर जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को शीघ्र मरम्मत कराने तथा स्पीड ब्रेकरों पर रिफ्लेक्टिव मार्किंग और संकेतक लगाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने ढाबखाल स्वास्थ्य उपकेंद्र का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने, नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। सीएमओ ने बताया कि एक्सरे की समस्या के निपटान हेतु धनराशि जमा की जा चुकी है और एक सप्ताह में ट्रांसफार्मर लगाकर समस्या का समाधान किया जायेगा

चौपाल में पेंशन, मोबाइल नेटवर्क, संपर्क मार्ग, विद्यालय उच्चीकरण, सामुदायिक भवन, सोलर लाइट एवं अन्य स्थानीय समस्याएं भी उठाई गईं। जिलाधिकारी ने सभी मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों की पूर्व सूचना संबंधित ग्राम प्रधानों को अनिवार्य रूप से दी जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिन समस्याओं का तत्काल समाधान हो सकता है, उनका तत्काल निस्तारण किया जाय। साथ ही उन्होंने दीर्घकालिक योजनाओं के लिए अस्थायी समाधान पर जोर दिया।

स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी ने शहीद हरेन्द्र सिंह रावत मेमोरियल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रिखणीखाल का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रसव सेवाओं, दवा उपलब्धता, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति, पेयजल, शौचालय और स्वच्छता व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि रोस्टर के अनुसार प्रत्येक रात्रि में चिकित्सक की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा प्रमुख दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। इमरजेंसी कक्ष की स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने तत्काल मरम्मत एवं विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा चिकित्सा उपकरणों एवं विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त रखने को कहा।

इसके पश्चात तहसील रिखणीखाल के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ई-डिस्ट्रिक्ट केंद्र में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने आपदा परिचालन केंद्र का निरीक्षण कर कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली का परीक्षण किया तथा आपदा प्रबंधन के लिए उपलब्ध मशीनरी, ऑपरेटरों और संसाधनों की जानकारी ली। अधिकारियों को आवश्यक उपकरणों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराने तथा मानसून अवधि में पूर्ण सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अभिलेखों के सुरक्षित संरक्षण के लिए मॉडर्न रिकॉर्ड रूम विकसित करने तथा रजिस्ट्रार कानूनगो अनुभाग में अभिलेखों के डिजिटलीकरण को गति देने के निर्देश भी दिए।

इसके उपरांत जिलाधिकारी ने राजस्व उपनिरीक्षकों की बैठक लेकर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), फार्मर रजिस्ट्री, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तथा राजस्व कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने डिजिटाइजेशन कार्यों में अपेक्षित प्रगति न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। पटवारी चौकियों की मरम्मत के लिए स्वीकृत धनराशि का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने, रोस्टर के अनुसार गांवों का भ्रमण करने, प्रत्येक ग्राम पंचायत में जनसुनवाई दिवस निर्धारित करने तथा राजस्व शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में सभी राजस्व कार्मिक पूरी तत्परता के साथ अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहें और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें।

भ्रमण के दौरान ब्लॉक प्रमुख रेनू रावत, डीडीओ मनविंदर कौर, एसडीएम शालिनी मौर्य, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिवमोहन शुक्ला, अर्थ एवं संख्या अधिकारी राम सलोने, अधिशासी अभियंता जल संस्थान अभिषेक वर्मा, जल निगम के अजय बेलवाल, विद्युत विभाग के बेगराज सिंह, लोक निर्माण विभाग के विवेक कुमार, बीडीओ देवेश पंत, ग्रामोत्थान परियोजना अधिकारी कुलदीप बिष्ट, तहसीलदार विद्यादत्त सेमवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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