तमक नाले में बहा वैली ब्रिज, नीती घाटी के 17 गांवों का संपर्क कटा

-भारी बारिश और उफनती नदी ने बढ़ाई सीमांत क्षेत्र की मुश्किलें, मलबे के तेज बहाव में पुल बहा

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले की सीमांत नीती घाटी में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित करना शुरू कर दिया है। भारी बारिश के बीच तमक नाले में आया मलबा और तेज बहाव सीमांत क्षेत्र को जोड़ने वाले वैली ब्रिज को अपने साथ बहा ले गया। पुल के बहने से नीती घाटी के करीब 17 गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है। इससे सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों के सामने आवाजाही का संकट खड़ा हो गया है।

नीती घाटी में पिछले कुछ समय से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण तमक नाले समेत आसपास के नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। तमक के समीप अचानक नदी में भारी मात्रा में मलबा आने से वैली ब्रिज इसकी चपेट में आ गया। पानी के तेज बहाव और मलबे के दबाव के कारण पुल टिक नहीं सका और बह गया। पुल के बहने से घाटी के कई गांवों के लोगों की आवाजाही बाधित हो गई है।

तमक नाले पर बना यह पुल सीमांत क्षेत्र के कई गांवों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग था। इसके बह जाने के बाद करीब 17 गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हुई है। स्थानीय निवासी लक्ष्मण सिंह बुटोला ने बताया कि पुल के माध्यम से ग्रामीण दैनिक जरूरतों के सामान के साथ ही अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आवाजाही करते थे। पुल के बह जाने से अब ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसी मार्ग से सेना के जवानों के वाहनों की आवाजाही भी होती है।

भारी बारिश के बीच संपर्क मार्ग बाधित होने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। विशेष रूप से आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और अन्य जरूरी कार्यों को लेकर ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है।

नीती घाटी में बारिश के कारण नदी और गाड़-गदेरे उफान पर हैं। तमक नाले में भी पानी का बहाव लगातार तेज बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश का सिलसिला जारी रहने की स्थिति में आसपास के क्षेत्रों में भी खतरा बढ़ सकता है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ग्रामीणों में भय का माहौल है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र में तत्काल निगरानी बढ़ाई जाए। नदी और नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क किया जाए तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव दलों को अलर्ट रखा जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि सीमांत क्षेत्र में बारिश के दौरान संपर्क मार्गों और पुलों पर खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में केवल अस्थायी व्यवस्था के बजाय वैकल्पिक संपर्क मार्ग तैयार करने के साथ ही पुलों की सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम किए जाने की जरूरत है।

फिलहाल लगातार जारी बारिश के कारण नीती घाटी में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। सीमांत क्षेत्र में संपर्क व्यवस्था बाधित होने के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने प्रभावित गांवों तक सुरक्षित आवाजाही बहाल करना बड़ी चुनौती बन गया है।

 

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