वांगचुक मामले में हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत से किया इनकार, केंद्र को नोटिस

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से जुड़े मामले में अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। हालांकि अदालत ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो और उनके साथियों के लिए अलग रेस्ट रूम उपलब्ध कराने तथा उन्हें वांगचुक से मिलने की अनुमति देने के निर्देश दिए हैं।

यह सुनवाई गीतांजलि आंग्मो द्वारा दायर याचिका पर हुई। मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और विवेक तंखा वांगचुक पक्ष की ओर से उपस्थित रहे, जबकि केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने पक्ष रखा।

कपिल सिब्बल ने अदालत से कहा कि सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वांगचुक को उनके वकील और निजी डॉक्टर से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। सिब्बल ने यह भी कहा कि वांगचुक हिरासत में नहीं हैं, इसलिए एक स्वतंत्र नागरिक के रूप में उन्हें अपनी पसंद के अस्पताल में इलाज कराने का अधिकार है।

इस पर एएसजी चेतन शर्मा ने अदालत को बताया कि सरकार 16 जुलाई के आदेश का पालन कर रही है, जिसके तहत सरकारी डॉक्टर नियमित रूप से वांगचुक की स्वास्थ्य जांच कर रहे हैं और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वांगचुक डायबिटिक नहीं हैं, लेकिन 18 दिनों के उपवास के कारण उनकी किडनी के कार्य पर प्रभाव पड़ा है। उन्हें बिना शुगर वाले इलेक्ट्रोलाइट्स दिए जा रहे हैं और जरूरत पड़ने पर एम्स में भर्ती भी कराया जा सकता है।

एम्स के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. अक्षय ने अदालत को बताया कि वांगचुक का इलाज जारी है। उनके शरीर के कई पैरामीटर बॉर्डरलाइन पर हैं तथा शुगर और पोटेशियम का स्तर काफी कम है। उन्होंने कहा कि वांगचुक को कार्बोहाइड्रेट और पोटेशियम की आवश्यकता है तथा विटामिन आईवी के जरिए देने की जरूरत है, लेकिन उन्होंने इसके लिए मना किया है।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पूछा कि सरकारी चिकित्सकों पर अविश्वास क्यों जताया जा रहा है। इस पर सिब्बल ने स्पष्ट किया कि उनका सरकारी डॉक्टरों पर कोई अविश्वास नहीं है, बल्कि वे केवल वांगचुक के लिए अपनी पसंद के अस्पताल में इलाज चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि मेदांता एक विश्वस्तरीय अस्पताल है और यदि एम्स के डॉक्टर उपचार प्रक्रिया में शामिल होना चाहें तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। अदालत ने फिलहाल कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं किया, लेकिन केंद्र सरकार से जवाब तलब करते हुए मामले की सुनवाई आगे के लिए निर्धारित कर दी है।

Portaladmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

कोटद्वार : कारगिल विजय दिवस से पूर्व वीर सैनिक सम्मान समारोह का भव्य आयोजन, वीर सैनिकों के शौर्य और बलिदान को किया नमन

Sun Jul 19 , 2026
कोटद्वार : कोटद्वार विधानसभा के दुर्गापुर स्थित हल्दी हाथ वेडिंग प्वाइंट में 19 जुलाई 2026 को कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं विधायक कोटद्वार ऋतु खण्डूडी भूषण के सौजन्य से वीर सैनिक सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में […]

You May Like

Breaking News

Share
error: Content is protected !!