जोशीमठ। सोमवार देर शाम करीब चार से पांच बजे के बीच क्षेत्र में बादल फटने की अचानक हुई घटना से भारी तबाही मच गई है। इस आपदा के कारण भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया है, जबकि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के दो वाहन और एक स्थानीय व्यक्ति की गाड़ी इसकी चपेट में आ गई है। घटना के बाद से बीआरओ के एक अधिकारी (ओसी) का ड्राइवर लापता है, जिसकी तलाश के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।
मलबे के तेज बहाव में बहा बीआरओ ड्राइवर
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के समय बीआरओ के ओसी का ड्राइवर पंकज सड़क किनारे खड़ा था। अचानक आए भारी मलबे और सैलाब की चपेट में आने से वह सीधे धौली नदी की तेज बहाव की तरफ बह गया। लापता ड्राइवर पंकज मूल रूप से कुमाऊं के अल्मोड़ा जिले का रहने वाला है। गनीमत यह रही कि वाहनों के भीतर मौजूद अन्य लोग समय रहते बाहर निकल आए, जिससे उनकी जान बच गई।
जेसीबी ऑपरेटर के लिए देवदूत साबित हुई मशीन
आपदा के वक्त मौके पर मौजूद एक जेसीबी ऑपरेटर के लिए उसकी मशीन किसी देवदूत से कम साबित नहीं हुई। मलबे के भारी दबाव और धक्के के बावजूद जेसीबी मशीन आगे की तरफ बहती चली गई, जिससे उसमें बैठा ऑपरेटर पूरी तरह सुरक्षित बच गया। हालांकि, इस प्राकृतिक आपदा ने बीआरओ के वाहनों को आंशिक क्षति पहुंचाई है, जबकि एक स्थानीय व्यक्ति का वाहन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है।
40 मीटर लंबा पुल टूटा, सीमा सड़क मार्ग पूरी तरह बंद
जोशीमठ के तहसीलदार महेंद्र आर्य ने स्थिति की पुष्टि करते हुए बताया कि बादल फटने के बाद आए भारी मलबे के कारण बीआरओ का करीब 40 मीटर लंबा स्टील ब्रिज पूरी तरह टूट गया है। सड़क पर भारी मात्रा में मलबा जमा होने और नदी में पानी का बहाव बेहद तेज होने के कारण तत्काल सड़क खोलने का काम शुरू नहीं किया जा सका।
स्थानीय निवासियों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों – डॉ. मनोज रावत, लक्ष्मण सिंह, दीपक सिंह और मुकेश पवार ने बताया कि सोमवार को इस नाले में तीन बार भारी मात्रा में मलबा आया था, लेकिन आखिरी बार आए सैलाब ने भारी तबाही मचा दी। इस घटना से स्थानीय किसानों की सेब की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो-तीन वर्षों से इस क्षेत्र में बादल फटने की घटनाएं आम हो गई हैं, और पिछली बार भी इसी तरह की आपदा में बीआरओ का पुल बहा था।
मंगलवार को फिर शुरू होगा सर्च ऑपरेशन
घटनास्थल पर भारी अंधेरा छा जाने और पानी का बहाव तेज होने के कारण सोमवार रात को ही राहत और बचाव दल को जोशीमठ वापस लौटना पड़ा। प्रशासन और राहत टीमों द्वारा मंगलवार दोपहर तक पानी का बहाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिसके बाद सड़क को यातायात के लिए सुचारू करने और लापता ड्राइवर की तलाश के लिए नए सिरे से सर्च ऑपरेशन शुरू किया जाएगा।
